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बसंत पंचमी (Basant Panchami 2025 ) के दिन ये saraswati mantra मंत्र कर देंगे जीवन खुशहाल

बसंत पंचमी तिथि 2025 (Basant Panchami 2025 Tithi) -वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल इस तिथि की शुरुआत 2 फरवरी 2025 को सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर होगी। साथ ही इसका समापन 03 फरवरी को प्रातः 06 बजकर 53 मिनट पर होगा। वहीं बसंत पंचमी का त्योहार 2 फरवरी 2025 को मनाया जाएगा।

माँ सरस्वती मंत्र [saraswati mantra] और उसका महत्व-

माँ सरस्वती को ज्ञान, विद्या, बुद्धि और संगीत की देवी माना जाता है। वे ब्रह्मा जी की शक्ति हैं और संसार को ज्ञान और विवेक प्रदान करती हैं। हिंदू धर्म में, विशेष रूप से विद्यार्थी, कलाकार, और विद्वान माँ सरस्वती की आराधना करते हैं। बसंत पंचमी के दिन उनकी पूजा विशेष रूप से की जाती है। ऐसा माना जाता है कि उनकी कृपा से व्यक्ति को विद्या, बुद्धि और संगीत में सफलता प्राप्त होती है।

माँ सरस्वती के प्रमुख मंत्र और उनकी महिमा-

1. सरस्वती वंदना-

“या कुन्देन्दु तुषार हार धवला या शुभ्र वस्त्रावृता।

या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥

या ब्रह्माच्युतशंकर प्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।

सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेष जाड्यापहा॥”

मंत्र का अर्थ:

इस [saraswati mantra] मंत्र में माँ सरस्वती को सफेद वस्त्र धारण करने वाली, चंद्रमा के समान उज्ज्वल आभा से युक्त और वीणा धारण करने वाली देवी के रूप में वर्णित किया गया है। वे ब्रह्मा, विष्णु और महादेव द्वारा पूजित हैं। यह [saraswati mantra] मंत्र बुद्धि और विद्या प्राप्त करने के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

2. बीज मंत्र-

“ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः।”

मंत्र का अर्थ:

बीज मंत्र “ऐं” माँ सरस्वती का शक्ति बीज मंत्र है। यह [saraswati mantra] मंत्र बुद्धि, स्मरण शक्ति और ज्ञान को बढ़ाने में सहायक होता है। विद्यार्थी और विद्वान इस मंत्र का जाप कर अपनी बौद्धिक क्षमता को बढ़ा सकते हैं।

3. विद्या प्राप्ति मंत्र-

“सरस्वति महाभागे विद्ये कमललोचने।विद्यारूपे विशालाक्षि विद्यां देहि नमोस्तुते॥”

मंत्र का अर्थ:

इस [saraswati mantra] मंत्र में माँ सरस्वती से प्रार्थना की जाती है कि वे अपनी कृपा से ज्ञान प्रदान करें। विद्यार्थी परीक्षा में सफल होने और स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए इस मंत्र का जाप कर सकते हैं।

4. महा सरस्वती मंत्र-

“ॐ वद वद वाग्वादिनी स्वाहा।”

मंत्र का अर्थ:

यह [saraswati mantra] मंत्र वाणी को मधुर बनाने और वाक् शक्ति को सुधारने के लिए उपयोग किया जाता है। जो लोग वाणी से जुड़े कार्य करते हैं, जैसे – वक्ता, गायक, शिक्षक, लेखक आदि, वे इस मंत्र का जाप करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

5. सरस्वती गायत्री मंत्र-

“ॐ वद-वद वाग्वादिन्यै विद्महे।वीरजाये धीमहि।तन्नो देवी प्रचोदयात्॥”

मंत्र का अर्थ:

इस गायत्री मंत्र में माँ सरस्वती की प्रार्थना की जाती है कि वे हमारे मन को प्रबुद्ध करें और हमें ज्ञान का प्रकाश प्रदान करें। यह [saraswati mantra] मंत्र विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रभावशाली है।

सरस्वती मंत्र के लाभ-

1. बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति:

सरस्वती मंत्र[saraswati mantra] का नियमित जाप करने से स्मरण शक्ति और बौद्धिक क्षमता बढ़ती है।

2. विद्यार्थियों के लिए विशेष लाभदायक:

परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह [saraswati mantra] मंत्र अत्यंत प्रभावशाली है।

3. वाणी में मधुरता:

वाणी से जुड़े कार्य करने वालों के लिए यह[saraswati mantra] मंत्र विशेष लाभदायक होता है।

4. मन की एकाग्रता:

यह मंत्र मानसिक शांति और ध्यान केंद्रित करने में सहायता करता है।

5. कलाकारों के लिए वरदान:

संगीतकारों, कवियों और लेखकों के लिए माँ सरस्वती की कृपा अत्यंत आवश्यक मानी जाती है।

सरस्वती मंत्र[saraswati mantra] जाप की विधि-

1. प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

2. माँ सरस्वती की प्रतिमा या चित्र के समक्ष बैठें।

3. सफेद पुष्प, अक्षत, और दीपक जलाकर पूजा करें।

4. “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।

5. जाप के बाद माँ सरस्वती से ज्ञान और बुद्धि की प्रार्थना करें।

निष्कर्ष-

माँ सरस्वती का पूजन और मंत्र जाप जीवन में सफलता प्राप्त करने में सहायक होता है। वेदों में भी कहा गया है कि ज्ञान ही सर्वोपरि है, और माँ सरस्वती की कृपा से व्यक्ति ज्ञान के उच्च शिखर तक पहुँच सकता है। विद्यार्थियों, विद्वानों, कलाकारों और वक्ताओं को विशेष रूप से माँ सरस्वती के मंत्रों का जाप करना चाहिए, जिससे वे अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकें।

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